अब चलिए केजरीवाल की बात कर लेते हैं। दिल्ली में मुहल्ला क्लीनिक खुलवाने और शिक्षा के बजट बढाने के लिए शुभकामना। किन्तु सुबह से शाम तक मोदी का नाम जपने वाला यह जन्तु खुद का इलाज़ करवाने बंगलुरु क्यू जाता है? आप के आधे विधायक तो जेल में हैं। जनाब के ऊपर हर प्रकार के पदार्थ फेंके जा चुके हैं जैसे - जुता, स्याही और दिल्ली की जहरीली हवा।
राजनीति आजकल बिना कन्हैया कुमार के अधुरी है, ये जनाब बेहद गरीब हैं। ये देश के आखिरी गरीब हैं। इनके अलावा सभी अमीर है, मैं भी। यह गरीब हवाई जहाज में किसी भी आदमी से लड़ लेता है और iPhone से ट्विट करता है और कहता है कि मोदी ने हमला करवाया है। इसे आजादी चाहिए, इसे फिलहाल कोर्ट ने देशद्रोह के आरोपों से आजाद किया है। कन्हैया कुमार एक बिमारी है। जो जेएनयु और कुछ विश्वविद्यालयों में फैला हुआ है। ये भुखमरी और गरीबी से आजादी मांगता है। बीच बीच में कश्मीर की भी। ये कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थक एक बार बंगाल होकर आए और देखे जहाँ वामपंथी दलों ने राज किया वो राज्य आज गरीबी से जुझ रहा है। नक्सलियों ने घेर रखा है बंगाल को। अपना राज्य संभलता नहीं और चले देश को आजाद कराने।
"कोई सपना न देखो की ये जमीन बांट ली जाएगी, जो देश बांटना मांगेगी वो जीभ काट ली जाएगी"। और हाँ, आजादी तो मिलेगी कश्मीर को लेकीन वो पाक अधिकृत कश्मीर को पाकिस्तान से मिलेगी। इसका कहना है कि परेशान और गरीब लोग आतंकी बनते हैं, भैया मैं भी परेशान हूँ, Pointers कम है, तो क्या आतंकी बन जाऊँ?
"बर्बाद गुलीस्तान करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी है, हर डाल पर उल्लू बैठा है अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा"
गुरमेहर कौर का ट्विटर पर ट्विट आपने देखा होगा। एक शहीद की बेटी, जिसको लगता है कि उनके पिता को पाकिस्तान ने नहीं बल्कि युद्ध ने मारा है। ये उसका नजरिया है परन्तु कुछ असामाजिक तत्वों ने उसे बलात्कार की धमकी दी है, जो कि गलत है। उसका विरोध किया जा सकता है परन्तु ऐसे अमानवीय व्यवहार करके नहीं। समाज को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। अच्छे नागरिक की पहचान वही है।
होली की शुभकामनाएं। जीवन और मिजाज दोनों रंगीन रहे। जय हिंद।

जब बुद्धि अखिलेश हो जाती है तब जिंदगी उत्तर प्रदेश हो जाती है। bilkul sahi kaha bhai...bahut acha likhte ho... ye post akhbar aur sab jagah pahuchna chahiye./..bahut sahi vichar hai.. aese hi likhte raho...
ReplyDelete"बर्बाद गुलीस्तान करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी है, हर डाल पर उल्लू बैठा है अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा"
ReplyDeleteबेहद सही कहा आपने बिनायक । अंजाम ऐ गुलिस्ता 13 तारीख को पता चलेगा।
Wah guru
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